हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाए गए टेट में 14 हजार अभ्यर्थी बैठे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार को परीक्षा करवाई गई। पूरे प्रदेश में परीक्षा के लिए 47 केंद्र स्थापित किए गए थे। टीजीटी नॉन मेडिकल की अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) और भाषा अध्यापक के लिए लिखित परीक्षा ली गई।सैकड़ों अभ्यर्थियों ने दोनों परीक्षाएं दीं।
सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक टीजीटी नॉन मेडिकल टेट और शाम के सत्र दो बजे से साढ़े चार बजे तक एलटी की परीक्षा ली गई। बोर्ड ने दोनों परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। नॉन मेडिकल टेट परीक्षा के लिए प्रदेश में 47 परीक्षा केंद्र बनाए थे। भाषा अध्यापक की लिखित परीक्षा 39 परीक्षा केंद्रों पर ली गई। दोनों परीक्षाएं केंद्रों में सीसीवीटी कैमरों की निगरानी में हुई।
परीक्षा लेने के निर्देश जारी किए गए थे। शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की लोक संपर्क अधिकारी अंजू शर्मा ने बताया कि रविवार को नॉन मेडिकल टेट की परीक्षा 47 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक ली गई। भाषा अध्यापक के लिए प्रदेश स्तर पर 39 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा ली गई। मंडी के जोगिंद्रनगर में सीसीटीवी कैमरे के कड़े पहरे में परीक्षा करवाई गई।
परीक्षार्थियों के मोबाइल, पर्स, बैग बाहर ले लिए गए। केवल बॉल पेन और क्लिप बोर्ड को ही परीक्षा केंद्र में ले जाने दिया गया। उपमंडल के आदर्श कन्या पाठशाला में दो चरणों में हुई परीक्षा में करीब 397 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। अधीक्षक जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि परीक्षा में पारदर्शिता बरतने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
निरीक्षण बोर्ड ने गठित की टीम : संजय कुमार
शिक्षा बोर्ड के कोऑर्डिनेटर संजय कुमार ने बताया कि नकल का कोई मामला सामने नहीं आया है। 2 नवंबर को जोगिंद्रनगर की राजकीय बाल और आदर्श कन्या पाठशाला में टीजीटी आर्ट्स विषयों की परीक्षा भी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। स्कूल के प्रधानाचार्य रविंद्र शर्मा का कहना है कि हर परीक्षार्थी की तलाशी ली गई।