विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान जयराम ठाकुर ने मुआवजा और भूमि अधिग्रहण के मामलों को अपने केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। अपने कार्यकाल के दौरान जयराम ठाकुर ने कभी भी राष्ट्रीय राजमार्ग स्थलों का दौरा करने की जहमत नहीं उठाई।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा है कि नेता विपक्ष जयराम ठाकुर सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए किरतपुर-नेरचौक फोरलेन का निरीक्षण कर रहे हैं। वीरवार को शिमला से जारी प्रेस बयान में दोनों नेताओं ने नेता विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान जयराम ठाकुर ने किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग का कभी भी निरीक्षण नहीं किया और न ही इनके शीघ्र निर्माण और विस्थापितों को मुआवजा देने की मांग की गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 67 हजार करोड़ रुपये की लागत के 68 राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा की थी।
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पिछले पांच वर्षों के दौरान जयराम ठाकुर ने मुआवजा और भूमि अधिग्रहण के मामलों को अपने केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। अपने कार्यकाल के दौरान जयराम ठाकुर ने कभी भी राष्ट्रीय राजमार्ग स्थलों का दौरा करने की जहमत नहीं उठाई। भाजपा के कार्यकाल के दौरान इन परियोजनाओं का कार्य धीमी गति से हुआ। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए भाजपा सरकार फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्गों के अधिग्रहण के लिए फैक्टर फार्मूला लागू करने के लिए पूरी तरह से विफल रही।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में फॉर्मूला 2 के तहत चार गुना मुआवजा देने का वायदा किया था, लेकिन भाजपा सरकार विस्थापितों को पुनर्वास संबंधी कोई भी लाभ नहीं दे पाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह सुनिश्चित किया कि विस्थापितों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जाए।
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विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को समय पर पूरा करने का कांग्रेस सरकार ने प्रयास किया। एनएचएआई ने दस हजार करोड़ रुपये की शिमला से मटौर तक चार लेन सड़क परियोजना के निर्माण और 12 हजार करोड़ रुपये से पठानकोट से मंडी राजमार्ग के फोरलेन को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत इन परियोजनाओं का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं।