सूत्रों की मानें तो सुधीर न तो नगर निगम के मेयर देवेंद्र जग्गी के पक्ष में थे और न ही विजयइंद्र कर्ण के। सुधीर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कपूर को टिकट दिलाना चाहते थे लेकिन विरोधी खेमा इस पर नहीं माना। विजयइंद्र कर्ण को टिकट मिलने के बाद पिछले पांच साल से सुधीर शर्मा का विरोध कर रहे धर्मशाला के कई कांग्रेसी अचानक शनिवार रात को एकजुट होकर जीत की रणनीति बनाने में लगे रहे।
सुधीर की टेंशन में रहे भाजपा टिकट के तलबगार
सियासी करंट लगाने में माहिर कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा के ऐन वक्त पर चुनाव लड़ने से मना करने का जितना बड़ा झटका उनकी पार्टी को लगा उतना ही भाजपा के उम्मीदवारों को भी लगा। सुधीर के भगवा चोला ओढ़ने की अटकलों ने शनिवार को धर्मशाला से भाजपा टिकट झटकने की रेस में चल रहे आधा दर्जन उम्मीदवारों का ब्लड प्रेशर बढ़ाए रखा। टिकट के तलबगार दिन भर सुधीर की टेंशन में रहे कि कहीं उन्हें अपने विरोधी का ही स्वागत न करना पड़ जाए।
सुधीर के अगले कदम पर नजर
विजयइंद्र कर्ण को टिकट मिलने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेताओं की सुधीर शर्मा के अगले कदम पर नजर है। राजनीतिक भूचाल की आशंका के चलते भाजपा और कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा की भाजपा में एंट्री की अटकलों पर नजर गढ़ाए हुए हैं। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषक सुधीर के निर्णय को मिशन 2022 में सीएम पद की रेस से जोड़कर देख रहे हैं।