हिमाचल में बस अड्डों में निजी बसों की एंट्री फीस को बढ़ा दिया गया है। प्रत्येक बस अड्डे पर यह फीस 10-10 रुपये बढ़ा दी गई है। यह फैसला बस अड्डा प्राधिकरण ने लिया है। इससे प्राधिकरण की आमदनी में बढ़ोतरी होगी। राज्य में निजी बसों की संख्या लगभग 4000 है।
राज्य में वर्तमान में बस अड्डा प्राधिकरण के तहत कुल 48 बस अड्डे संचालित किए जा रहे हैं। इनमें अलग-अलग शुल्क लिया जा रहा है। जैसे शिमला के लक्कड़बाजार बस अड्डे में दिन के समय 20 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। ठीक इसी तरह से धर्मशाला बस अड्डे में 30 रुपये फीस ली जाती है।
रात्रि शुल्क इससे अलग होते हैं। प्राधिकरण ने राज्य के तमाम बस अड्डों की फीस को 10-10 रुपये बढ़ा दिया है। प्राधिकरण में महाप्रबंधक एचके गुप्ता ने पुष्टि की है कि प्रत्येक बस अड्डे में यह फीस 10-10 रुपये बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि फीस की नई दरें लागू की जा रही हैं।
आईएसबीटी शिमला में 15 फीसदी बढ़ेगा शुल्क
बीओटी आधार पर चलाए जा रहे आईएसबीटी शिमला में यह शुल्क 15 फीसदी बढ़ेगा। वर्तमान में आईएसबीटी शिमला में 50 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक आरएन बत्ता ने बताया कि यह शुल्क तीन साल बाद बढ़ोतरी की पहले की तय शर्त के हिसाब से संचालक फर्म को बढ़ाना है।
शुल्क बढ़ाने से आपरेटरों में रोष
हिमाचल प्रदेश निजी बस आपरेटर संघ के महासचिव वीरेंद्र गुलेरिया ने कहा कि संघ प्राधिकरण के इस फैसले का विरोध करता है। उन्होंने कहा कि इस शुल्क को बढ़ाने से प्रदेश के हजारों निजी बस आपरेटरों में रोष फैल गया है। यह प्राधिकरण का सही निर्णय नहीं है।