राजधानी में करीब ढाई महीने से बंद पड़ी हैं बसें, सेवा शुरू होने से हजारों लोगों को मिलेगी राहत
शाम 7 बजे से पहले गंतव्य तक न पहुंचने वाले रूट होंगे कैंसल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में एक जून से सुबह सात से शाम सात बजे तक बसें चलना शुरू हो जाएंगी। इससे हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। शहर में करीब ढाई महीने से बस सेवाएं बंद पड़ी हैं। हालांकि सुबह 4 से 7 बजे के बीच चलने वाली शिमला से 50 से अधिक रूटों पर बसें रवाना नहीं होंगी। सरकार ने सुबह 7 से शाम 7 बजे के बीच ही बसों के संचालन को अनुमति दी है, ऐसे में सुबह के समय रूटों पर बसें रवाना न होने से लंबे रूटों पर जाने वाले लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है।
ऐसी बसें जो सुबह चल कर शाम 7 बजे तक गंतव्य तक नहीं पहुंच सकती उन्हें रूट विभाजित कर चलाया जाएगा। किन्नौर से राजधानी शिमला आने वाली पूह-शिमला बस को दो चरणों में चलाया जाएगा। पूह से रिकांगपिओ के लिए अलग बस चलेगी और रिकांगपिओ से शिमला को अलग बस रवाना की जाएगी। रिकांगपिओ से बस को निर्धारित समय के मुकाबले करीब 3 घंटे पहले रवाना किया जाएगा ताकि बस 7 बजे आए पहले शिमला पहुंच सके। इसी तरह कई अन्य लांग रूटों को भी विभाजित कर संचालित करने की योजना बनाई गई है। शाम 7 बजे के बाद नाइट बस सर्विस भी नहीं चलाई जाएगी। प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान कमल ठाकुर ने कहा कि कहा कि शहर में बसें सुबह सात से शाम सात बजे तक चलेंगी। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं, हालांकि अंतिम रूपरेखा बैठक बुलाकर तय की जाएगी।
शिमला लोकल में सुबह 7 से
शाम 7 बजे तक चलेंगी बसें
राजधानी शिमला के लोकल रूटों पर एचआरटीसी और प्राइवेट ऑपरेटर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही बसों का संचालन करेंगे। ऐसे रूट जहां 7 बजे से पहले बसे चलना शुरू हो जाती हैं उन्हें कैंसिल कर दिया जाएगा। शाम के समय लास्ट ट्रिप पर बसे ऐसे समय में चलाई जाएंगी ताकि अंतिम स्टॉपेज पर 7 बजे से पहले पहुंच जाएं।