ऐतिहासिक शिरगुल महाराज मंदिर चौपाल से चुराई गईं करोड़ों की अष्टधातु की मूर्तियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने दो नेपाली आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मंदिर से चुराने के बाद मूर्तियों को पास के जंगल में छिपाकर रखा गया था। एसपी सौम्या सांबशिवन मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही हैं।
शुक्रवार को चोरी की वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में पुलिस को एक लाल रंग की गैंती के साथ रात के समय दो युवक नजर आए। सीसी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने बाजार के दुकानदारों से पूछताछ की।
इसमें पता चला कि बाजार में रहने वाले नेपाली मूल के दो युवकों दिपेंद्र विश्वकर्मा पुत्र शेर विश्वकमा, छत्र बहादुर शाही पुत्र भद्र बहादुर शाही ने लोहे की गैंती खरीदी थी। मंदिर में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखने पर पता चला कि ताला तोड़ने के लिए लोहे की गैंती का इस्तेमाल किया गया है।
एएसपी कुलवंत सिंह, एसएचओ धर्मसिंह ठाकुर, एएसआई राम गोपाल सहित पुलिस कांस्टेबल और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की पड़ताल शुरू की।
इसके पुलिस ने दोनों को चौपाल बाजार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चुराने के बाद मूर्तियों को जंगल में छिपाकर रखा है।
साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इस काम के लिए किसी अन्य व्यक्ति ने कुछ रुपये देने का वायदा किया है। कहा कि उन्होंने तीसरे व्यक्ति से एक महीने बाद कुछ पैसा देकर मूर्तियां यहां से उठाने को कहा है।
एसपी सौम्या सांबशिवन ने कहा कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मूर्तियां बरामद कर ली हैं। मामले की छानबीन की जा रही है। जल्द ही पूरा चोर गिरोह सलाखों के पीछे होगा।