मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लेकर अफसरशाही गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाओं के दौरान की जाने वाली कई घोषणाएं सिर्फ फाइलों तक सिमट कर रह गईं हैं। साल 2016 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिला शिमला में दस प्राइमरी स्कूलों को अपग्रेड कर मिडल स्कूल बनाने की घोषणा की थी।
लेकिन, एक साल बाद भी इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग स्कूलों का सर्वे तक नहीं करवा सका है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में दस नए प्राइमरी स्कूल खोलने पर भी शिक्षा विभाग अभी तक फैसला नहीं ले सका है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में बीते दिनों हुई जिला उपनिदेशकों की बैठक में इसका खुलासा हुआ है। निदेशक मनमोहन शर्मा ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपनिदेशकों को जल्द से जल्द सर्वे रिपोर्ट भेजने को कहा है।
ये स्कूल नहीं हो सके अपग्रेड
14 जून 2016 को मुख्यमंत्री ने जिला शिमला के तारासनू, मंडल, नेरी, जुबली, रुपड़, संगरोली, रोहाना, भाटगढ़ और समूही प्राइमरी स्कूल को मिडल स्कूल के तौर पर अपग्रेड करने की घोषणा की थी। 28 जून को मुख्यमंत्री ने टुटू प्राइमरी स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। लेकिन घोषणा के एक साल बाद भी शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को अपग्रेड नहीं किया है। निदेशालय के पास जिला शिमला के उपनिदेशक कार्यालय से अभी तक इस संदर्भ में सर्वे रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।
यहां खुलने थे नए प्राइमरी स्कूल
19 अप्रैल 2016 को मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिला के काशी, 27 मई को सोलन के मझयार, 14 जून को शिमला के शिरगढ़, 17 जून को सिरमौर के खटना, पटना, मनोली केदारी, 12 सितंबर 2016 को कुल्लू के मशयार, 18 दिसंबर को कांगड़ा के जसेहर, पांच फरवरी 2017 को कुट, नाग धरमन और मंडी के मनाह में नए प्राइमरी स्कूल खोलने की घोषणा की थी लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक इस पर फैसला नहीं ले सका है।