देवभूमि हिमाचल के ऊना जिला में तेंदुए के हमले से जान बचाने के लिए बैल ने जबरदस्त दौड़ लगाई। वह अपनी जान बचाने में भी कामयाब हो गया। मगर बावजूद इसके उसे दर्दनाक मौत मिली।
मामला ऊना जिला के बंगाणा का है। जहां पर पंचायत तलमेहड़ा के गांव कड़थोली, पलाहटा, कोकरा, बुहाणा, पंचायत डीहर के गांव चंबोआ, चड़ोली में पिछले कई दिनों से तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
शुक्रवार दोपहर को कड़थोली गांव में कमल सिंह पुत्र बजीर चंद की पशुशाला के नजदीक तेंदुए को देख कर लोगों ने शोर मचा दिया। इस पर तेंदुआ वहां से भागा गया। पशुशाला की कुछ दूरी पर कमल सिंह के बैल खेतों में घास चर रहे थे।
तेंदुआ उनके पीछे भागा। लेकिन बैल खुद को बचाते हुए एक गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तेंदुए की दशहत से लोगों ने घरों से बाहर निकलना भी कम कर दिया है।
यह तेंदुआ अब तक इसी गांव के करीब एक दर्जन पालतू कुत्तों को शिकार बना चुका है। स्थानीय निवासी ईश्वर दास, शुभम कुमार, दर्शना देवी, नेहा देवी, साक्षी देवी आदि का कहना है कि तेंदुए के घरों में घुस जाने की खबर से क्षेत्र के लोग सकते में हैं।
ग्राम पंचायत प्रधान पूनम ठाकुर, उपप्रधान अशोक शर्मा, बीडीसी सदस्य ऊषा शर्मा, वार्ड सदस्य राजेश साहनी तथा राजू आदि ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
उधर, रामगढ़ धार के रेंज अधिकारी रत्न कश्यप का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएंगे।