जानकारी के मुताबिक 100 किलोवाट व उससे अधिक बिजली खपत करने वाले संस्थानों को ऊर्जा संरक्षण भवन नियम अपनाना होगा। ऊर्जा संरक्षण के अनुसार अधिक बिजली खपत वाले संस्थानों को अपने यहां सौर ऊर्जा के संसाधन अपनाने होंगे।अन्यथा उन भवनों का नक्शा पास नहीं होगा।
नगर निकाय ऐसे भवनों को अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से एनओसी जारी करने पर ही नक्शे पास करेगी। ऊर्जा संरक्षण नियम में ऊर्जा संरक्षण भवन नियम उन सभी व्यावसायिक समूहों शापिंग मॉल, व्यवसायिक भवनों, होटल, रेस्तरां, समारोह स्थान, सिनेमाघर, सभागार, क्लब, गोष्ठी केंद्र, कार्यालय भवन, बैंक और अस्पताल जैसे भवनों में लागू किया जाना अनिवार्य
होगा, जिनकी बिजली खपत 100 किलोवाट या उससे अधिक है। ऊर्जा संरक्षण भवन नियम के तहत निर्मित भवनों में ऐसी तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा, जिससे कम से कम ऊर्जा की खपत हो। कैबिनेट ने राज्य विद्युत बोर्ड सीमित की उधार सीमा को 5000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7000 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया।