बुधवार को सेना के 35 ट्रक पलचान पहुंचे। वहीं, दोपहर बाद 3 बजे अन्य 115 के करीब छोटे-बड़े वाहन और दो एचआरटीसी बसें सहित सैकड़ों लोगों ने रोहतांग दर्रा पार किया। वीरवार को वाहनों की आवाजाही का सिलसिला शुरू हुआ।
लेकिन रोहतांग के समीप हवा से सड़क पर बर्फ की चादर बिछ गई। जिससे वाहन फंस गए। टैक्सी चालकों ने खुद सड़क से बर्फ हटाने का काम शुरू किया। इस बीच बीआरओ की मशीनरी भी मौके पर पहुंची और राहत दी।
सिस्सू चौकी में तैनात हैड कांस्टेबल शमिंद्र ने बताया कि यातायात बहाल होने पर पहले आर्मी की कानवाई और बाद में बाकी फंसे वाहनों को भेजा गया। बीआरओ के इंजीनियर राजेश ने बताया कि बुधवार को चार से छह फीट की ऊंची बर्फ की दीवार को काटकर
चार किलोमीटर लंबे दायरे से बर्फ हटाकर यातायात बहाल किया है। कोकसर पंचायत की प्रधान अंजू देवी, सिस्सू की प्रधान सुमन, गोंधला की प्रधान संगीता और खंगसर की प्रधान छेरिंग डोलमा ने शून्य से नीचे तापमान पर बीआरओ को रोहतांग दर्रा खोलने पर आभार जताया है।