बर्फ की दीवारों की काटते हुए बीआरओ के मशीनरी ग्रांफू से आगे बढ़ गई है। अब यहां से रोहतांग 14 किमी दूर है। बीआरओ का दावा है कि मौसम अनुकूल रहा तो 12 मार्च तक रोहतांग दर्रा पहुंच जाएंगे। हालांकि, यह अभियान इतना आसान नहीं है। धूप खिलने के बावजूद इस इलाके में दिन के समय पारा शून्य से आठ डिग्री नीचे चल रहा है।
लाहौल की तरफ से बीआरओ के 94 आरसीसी ने मिशन स्नो क्लीयरेंस अभियान में दो स्नो कटर, एक रोल्वो और एक डोजर तैनात कर रखा है। पहली बार सड़क से बर्फ को पूरी तरह हटाया जा रहा है। सोमवार को लाहौल-स्पीति जिप चेयरमैन रमेश रूआलवा और प्रधान संघ के अध्यक्ष सत्यप्रकाश ने ग्रांफू का दौरा किया। जिप अध्यक्ष रमेश रूआलवा ने बताया कि बीआरओ की टीम बर्फ हटाते हुए ग्रांफू से आगे निकल गई है।
कार्य के निगरानी में तैनात बीआरओ के एक अधिकारी ने दोनों जनप्रतिनिधियों को बताया कि मौसम अनुकूल रहा तो 12 मार्च तक रोहतांग दर्रा पहुंच जाएंगे। मनाली की तरफ से बीआरओ का काफिला मढ़ी से ऊपर निकल गई है। कुछ दिन बाद लोग रोहतांग दर्रा पैदल आरपार करने की तैयारी में हैं। कोकसर और मढ़ी में अभी तक रेस्क्यू पोस्ट स्थापित नहीं हो सकी है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द रेस्क्यू पोस्ट स्थापित की जाए। उधर, सहायक आयुक्त अमर नेगी ने कहा कि कोकसर और मढ़ी में जल्द रेस्क्यू पोस्ट स्थापित किया जा रहा है।