विदेशी महिलाओं को भुट्टिको बुनकर सहकारी सभा के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने पारंपरिक कुल्लू शॉल को बनाने की कला और बुनकरों को इससे हो रहे आर्थिक लाभ को सराहा।
कुल्लवी शॉल के लिए विख्यात भुट्टिको के सभागार का सोमवार को 20 ब्रिटिश मूल की महिलाओं ने भ्रमण किया। ब्रिटिश महिलाओं को आहिल्या होलीडेज नामक ट्रेवल कंपनी गुरुग्राम के सौजन्य से यह भ्रमण करवाया गया। इस दौरान विदेशी महिलाओं को भुट्टिको बुनकर सहकारी सभा के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने पारंपरिक कुल्लू शॉल को बनाने की कला और बुनकरों को इससे हो रहे आर्थिक लाभ को सराहा। सभा अध्यक्ष एवं पूर्व बागवानी मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर ने कहा कि सभा कुल्लवी बुनाई कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए वचनबद्ध है।
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कुल्लवी शॉल की पहचान को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। इस दौरान ब्रिटिश महिलाओं ने बुनकरों के हितों तथा कुल्लवी बुनाई कला से संबंधित कई सवाल पूछे। भुट्टिको की कार्यप्रणाली देखकर ब्रिटिश महिलाएं प्रभावित हुई और भूट्टिको की खूब प्रशंसा की। इस मौके पर सभा उपाध्यक्ष मोहर सिंह, निदेशक आत्मा राम, इंदिरा देवी, कलावती, टिकम राम, निर्मला देवी, मुख्य सलाहकार रमेश ठाकुर, महाप्रबंधक रूप सिंह, जीत राम और दिनेश ठाकुर उपस्थित रहे।