आधी रात को जलीं तीन गोशालाएं, चारा और लकड़ी राख
वहीं उपमंडल भटियात के तहत ग्राम पंचायत तारागढ़ के गांव कालनी में तीन गोशालाएं जलकर राख हो गईं। यह घटना वीरवार देर रात की है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर नियंत्रण पाया। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक करीब दो लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ राजस्व विभाग की टीम भी नुकसान के आकलन में जुट गई है। हालांकि, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।जानकारी के मुताबिक ये गोशालाएं अमर नाथ उनके भाई राजपाल और भाभी बिमला देवी निवासी गांव कालनी की थीं। अमरनाथ ने बताया कि देर रात उन्हें जानकारी मिली कि गोशालाओं में आग लग गई है। उन्होंने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों को सूचना दी और गोशाला के भीतर बंधे पशुओं को बाहर सुरक्षित निकाला।
उनका मकान गोशालाओं से करीब 200 मीटर दूर थे। गनीमत यह रही कि पशु सुरक्षित रहे। ग्रामीणों के सहयोग से अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर नियंत्रण पाया। अमर नाथ सिंह ने बताया कि गोशालाओं में करीब छह माह का चारा और इमारती लकड़ी रखी थी जो इस आग में स्वाह हो गई है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावितों को उचित सहायता प्रदान की जाए। वहीं, दूसरी तरफ राजस्व विभाग की ओर से तीनों प्रभावितों को पांच हजार रुपये फौरी राहत जारी कर दी है। कहा है कि नुकसान के आधार पर ही उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। अग्निशमन अधिकारी चुवाड़ी कमलेश कुमार ने बताया कि देर रात घटना के बारे में सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया। करीब दो लाख रुपये का प्रारंभिक नुकसान आंका जा रहा है।