शिमला। हिमाचल प्रदेश विवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने आईसीएआर-एनबीपीजीआर शिमला के सहयोग से टिकाऊ हिमालयी पर्यावरण : चुनौतियां और अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें विधायक राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर शिक्षाविदों और वैज्ञानिकाें का सम्मेलन आयोजन करना एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने हरित बजट, कृषि और बागवानी में प्रतिरोधी फसलें, हरित ऊर्जा का उपयोग, हाइड्रोजन ईंधन और सतत विकास के लिए जीवाश्म ईंधन को कम करने पर जोर दिया। सम्मेलन में बायोसाइंस विभाग के पूर्व शिक्षक प्रो. डीसी कालिया, डीन लाइफ साइंस के प्रो. दूनी चंद, हिमकोस्ट एचपीयू के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एसएस रंधावा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग एचपीयू शिमला प्रो. एसएस कंवर, वैज्ञानिक वनीत जिस्टु, डॉ. एमएल ठाकुर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. पीसी पठानिया, सीईओ अशोक शर्मा और डॉ. परमजीत कौर ने हिमालय के पर्यावरण में आ रहे बदलाव पर अपने विचार रखे। तीन तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता डॉ. कल्लोल प्रमाणिक, डॉ. नरेंद्र नेगी, डॉ. एमएल ठाकुर, कुलदीप सिंह, डॉ. पुष्पा ठाकुर, डॉ. निशा रानी, डॉ. सुनील जसवाल और डॉ. कल्याणी सुप्रिया ने भाग लिया।