कार के मालिक सौरव धीमान ने बताया कि उनके पिता चमन लाल धीमान ने इसे बनावाया है। सुरक्षा की दृष्टिगत सीट बेल्ट भी लगाई है। मारुति 800 का इंजन और गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
वाटरप्रूफ लकड़ी पर बारिश-पानी से धोने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सौरव धीमान ने कहा कि वह अपनी एमबीए की पढ़ाई के लिए लंदन गए थे जहां उन्होंने ऐसी कारें सड़कों पर घूमती देखीं। उनके जहन में आया कि वे अपने शहर में ऐसी कार दौड़ाएंगे।
लकड़ी से तैयार कार लोगों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देगी। बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलने के लिए इसमें स्लोगन भी लगाया जाएगा। यह लोगों को जागरूक करेगी।