बॉलीवुड क्वीन कंगना रणौत आस्था में रम गई हैं। मंडी के भांबला स्थित घर की दूसरी मंजिल में कंगना आस्था में लीन हो गई हैं। शांति पाठ के लिए बॉलीवुड क्वीन कंगना रणौत घर पहुंची हैं। वे देर शाम भांबला पहुंची। उनके घर पहुंचते ही विधि विधान के साथ पांच दिन का पाठ शुरू हो गया।
62वें नेशनल फिल्म फेयर अवार्ड में ‘क्वीन’ फिल्म में बेस्ट एक्ट्रेस काखिताब और प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल गौरव का सम्मान मिलने के बाद घर में उनके लिए शांति पाठ रखा गया है। पांच दिन तक कंगना न तो रिश्तेदारों से मिलेगी और न ही प्रशंसकों से।
पूरी तरह से आस्था में लीन
बॉलीवुड में बेटी कंगना रणौत की सफलता पर पिता अमनदीप रणौत ने भांबला स्थित घर में शांति पाठ रखा है। धार्मिक कार्यक्रम में कंगना और अलावा रंगोली (कंगना की बहन) भी पहुंची हैं। दोनों के आने से पिता अमनदीप रणौत और माता आशा खुश हैं। घर की ऊपरी मंजिल के एक कमरे में चल रहे शांति पाठ में कंगना रणौत पूरी तरह से आस्था में लीन हैं। कंगना ने घर पर आने वाले रिश्तेदारों और प्रशंसकों से मिलने से साफ मना किया है।
दिसंबर 2014 के बाद घर आई हैं कंगना- दिसंबर 2014 के बाद कंगना अपने घर भांबला आई है। कई माह बाद कंगना अपनी बड़ी बहन रंगोली से भी मिली हैं। कंगना के पिता ने बताया कि तनु वेड्स मनू रिटनर्स की शूटिंग पूरी हो चुकी है और जल्द ही फिल्म रिलीज होगी।
हवन-पाठ से कंगना को मिलती है शांति
अमनदीप रणौत ने बताया कि बचपन से ही कंगना धार्मिक विचारधारा वाली रही है। मुंबई में फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त रहने के कारण कंगना को धार्मिक कार्यक्रम के लिए समय नहीं मिल पाता है। इसीलिए कंगना के लिए घर पर शांति पाठ करवाया जा रहा है। हवन और पाठ करने से कंगना के मन को शांति मिलती है।
बॉलीवुड की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में शुमार- बॉलीवुड में 17 वर्ष की आयु में कदम रखने वाली कंगना आज सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्हें दूसरी बार नेशनल अवार्ड मिला है। 2010 में उन्हें फैशन फिल्म में बेस्ट स्पोर्टिंग एक्ट्रेस के यह अवार्ड मिल चुका है। कंगना को क्वीन फिल्म में बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नेशनल फिल्म अवार्ड मिला है। हिमाचल सरकार ने कंगना को हिमाचल गौरव पुरस्कार दिया है।