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Shimla News: शहरवासियों को झटका, राशनिंग के बीच राजधानी में महंगा पानी

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बीओडी की बैठक में प्रस्ताव को मजूरी, लोगों को अब आठ फीसदी महंगा मिलेगा पीने का पानी, नई दरें अगले साल मार्च से होंगी लागू
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महापौर और उपमहापौर ने दरें बढ़ाने का जताया विरोध
कंपनी का तर्क, विश्व बैंक की शर्तों पर दरें बढ़ाना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में जारी पानी की राशनिंग के बीच शहरवासियों को एक और झटका लगा है। पेयजल कंपनी ने शहर में पानी की दरें आठ फीसदी बढ़ाने का फैसला लिया है। प्रदेश सचिवालय में मुख्य सचिव केके पंत की अध्यक्षता में वीरवार को हुई निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। नई बढ़ी हुई दरें अगले साल मार्च से लागू होंगी। इस फैसले का असर शहर के 35,000 से अधिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

पेयजल कंपनी ने इस साल भी मार्च में पानी की दरों में आठ फीसदी बढ़ोतरी की थी। सचिवालय में हुई बैठक में कंपनी ने प्रस्ताव रखा था कि विश्व बैंक की शर्तों के अनुसार हर साल पेयजल की दरें बढ़ाना जरूरी है। इसके बाद ही 24 घंटे पेयजल योजना के लिए विश्व बैंक से राशि जारी होगी। बैठक में मौजूद नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल ने पानी की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया। हालांकि कंपनी ने कहा कि विश्व बैंक की शर्त के अनुसार दरें बढ़ाना जरूरी है। इसके बाद निदेशक मंडल ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कंपनी का कहना है कि अभी शहरवासियों को पुरानी दरों के अनुसार ही पानी के बिल जारी किए जाएंगे। नई दरें अगले साल मार्च से लागू होंगी। बैठक में सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता, कम्युनिकेशन एक्सपर्ट समेत तीन कर्मचारियों को एक वर्ष की एक्सटेंशन देने का भी फैसला लिया गया। शकरोड़ी में पंचायती क्षेत्र में पानी उपलब्ध करवाने के लिए अलग योजना बनाने को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में पिछली निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए फैसलों पर चर्चा के साथ ऑडिट रिपोर्ट पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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जहां टाइल उखाड़ीं, वहां दोबारा लगाएं
निदेशक मंडल की बैठक में नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल ने पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों और रास्तों की खुदाई के बाद मरम्मत कार्य तेज करने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की खोदाई की जा रही है, उनकी पूरी सतह पर टारिंग की जाए। अधिकारियों ने कहा कि यह मामला सरकार के स्तर पर उठाया जाना चाहिए। अभी कंपनी खोदाई वाली सतह की ही मरम्मत करेगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जहां से पहले टाइलें उखाड़ी गई हैं, वहां दोबारा टाइलें लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में महापौर सुरेंद्र चौहान ने सतलुज पेयजल योजना के पास पावर प्रोजेक्ट के निर्माण से गाद आने के संकट को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि योजना के पास बन रहे पावर प्रोजेक्ट से पेयजल योजना में गाद आ सकती है। इसे लेकर नगर निगम चिंतित है। महापौर ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया जा रहा है।

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