डीएसपी सुनील राणा और एसएचओ ने लोगों को शांत करवाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग चक्का जाम से नहीं हटे। मामला बढ़ता देख एसडीएम अभिषेक वर्मा भी वहां पहुंचे, लेकिन लोग फिर भी शांत नहीं हुए।
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के बीरता में पुराने जमीन विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच तेजधार हथियार चले और पत्थरबाजी हुई। इस जानलेवा हमले में एक परिवार के चार लोग घायल हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक बनी हुई है। इन्हें पीजीआई रेफर किया गया है। अन्य दो घायलों का इलाज टांडा अस्पताल में चल रहा है। जानलेवा हमले के बाद घायल परिवार के सदस्यों ने कांगड़ा पुलिस के खिलाफ बीरता के पास तीन घंटे तक हाईवे जाम कर दिया। पीड़ित परिवार के पक्ष में गांव के सैकड़ों लोग हाईवे पर बैठ गए।
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लोगों ने एसपी कांगड़ा के सामने ही पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले ही परिवार के सदस्यों ने आरोपियों से उनकी जान को खतरा होने की शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की होती तो उनके परिवार के चारों लोग गंभीर रूप से घायल न हुए होते।
डीएसपी, एसडीएम की भी नहीं सुनी लोगों ने
मौके पर पहुंचे डीएसपी सुनील राणा और एसएचओ ने लोगों को शांत करवाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग चक्का जाम से नहीं हटे। मामला बढ़ता देख एसडीएम अभिषेक वर्मा भी वहां पहुंचे, लेकिन लोग फिर भी शांत नहीं हुए। लोगों का कहना था कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इसलिए पुलिस ने पीडि़त पक्ष की शिकायत पर कुछ नहीं किया। सड़क पर चक्का जाम की अवधि बढ़ने और लोगों का गुस्सा बढ़ते देख एसएसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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पीड़ित परिवार ने बताया था जान का खतरा
पीड़ित परिवार के सदस्य राकेश ने वीरवार को कांगड़ा थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसे और उसके परिवार को रविंद्र और उसके परिवार के सदस्यों से खतरा है। आरोप है कि शिकायत के बाद शुक्रवार सुबह आरोपियों ने उनके घर पर हमला कर शिकायतकर्ता राकेश सहित सुभाष, उमाशंकर और धर्मपाल को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
अधिकारियों से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा : एसएसपी
एसएसपी विमुक्त रंजन ने पुलिस अधिकारियों से इस मामले को लेकर उन्हें जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा। इसके बाद वे पीड़ित परिवार के घर भी गए और उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया। एसएसपी ने कहा कि मारपीट करने वाले आपस की रिश्तेदारी में हैं। इनका कोई पारिवारिक विवाद है। पुलिस ने एफआईआर में नामजद नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की, वह इस मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ धारा 307 में मामला दर्ज कर लिया है।