अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से निर्मल अस्पताल नाहन में शनिवार को रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में युवतियों और महिलाओं ने भी गजब का जोश दिखाते हुए रक्तदान कर पुण्य कमाया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिरमौर अजय कृष्ण शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने रक्तदाताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप लोग आज एक-एक जिंदगी बचाने जा रहे हैं। हमें रक्तदाताओं पर गर्व है। समारोह में निर्मल अस्पताल के संचालक डॉ. एसके सबलोक, ब्लड बैंक नाहन की प्रभारी डॉ. निशि अग्रवाल, राजेश व स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
रक्तदान शिविर सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ। शिविर के संचालन में रोटरी क्लब नाहन सिरमौर हिल्स ने विशेष योगदान दिया। जबकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन की एनएसएस इकाई से जुड़े स्वयंसेवियों ने शिविर में बढ़चढ़ कर भाग लिया। शिविर में कुल 19 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
रक्तदान करने वालों में पुलिस विभाग में कार्यरत वर्षा कश्यप, संदीप चौहान, हरिपुरधार के ओपी ठाकुर, रेणुका से जतिन पुंडीर, ददाहू की चेतना पुंडीर, चबाहां के राजेश चौहान, पांवटा साहिब की दिवांशी कश्यप, शिलाई की मोनिका शर्मा, सतौन की दीपिका, हरिपुरधार की शीतल, सोलन के हर्ष ठाकुर, नाहन की निशा अग्रवाल, मातर की पुष्पा शर्मा, नाहन के शिवम कालिया, चौपाल के प्रशांत सिंगला, नाहन के शालिन कुमार, हरिपुरधार के पंकज, नवाब सिंह, विक्रांत गौतम शामिल रहे। इस अवसर पर रोटरी क्लब नाहन सिरमौर हिल्स के प्रधान सुशील अत्री, सचिव सीएल शर्मा, पूर्व प्रधान माम चंद तोमर, रोड़ सेफ्टी क्लब के प्रधान विशाल तोमर उपस्थित रहे।
यह बोले रक्तदाता--
1. छठी बार रक्तदान कर रहे संदीप चौहान ने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरा खून किसी जरूरतमंद के काम आ सकेगा। सभी लोगों को इस नेक कार्य में आगे आना चाहिए।
2. पांचवीं बार रक्तदान कर रही वर्षा कश्यप ने कहा कि मेरे खून से किसी की जान बचेगी, इससे बड़ी समाजसेवा मेरे लिए क्या हो सकती है।
3. चौथी बार रक्तदान कर रहे जतिन पुंडीर ने कहा कि खून नालियों में नहीं नाड़ियों में बहना चाहिए। उन्हें खुशी है कि उनके खून से एक जिंदगी बचेगी।
4. छठी बार रक्तदान कर रहे ओपी ठाकुर ने कहा कि मैंने साल में एक बार रक्तदान करने का प्रण लिया है, जिसे ताउम्र निभाऊंगा। सभी को ऐसा करना चाहिए।
5. पहली बार रक्तदान करने आए हर्ष ठाकुर ने कहा कि रक्तदान करने का मुझे पहली बार अवसर मिला। आज रक्तदान कर उन्हें असीम संतुष्टि मिल रही है।
6. 12वीं बार रक्तदान कर रही निशा अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान करने के बाद कुछ ही समय बाद इसकी पूर्ति हो जाती है। इससे कोई हानि नहीं होती। सभी को रक्तदान कर लोगों का जीवन बचाने को आगे आना चाहिए।
7. कई किलोमीटर दूर से रक्त देने आई पुष्पा शर्मा ने कहा कि मुझे समाज सेवा का शौक है। रक्तदान करने से बढ़कर दूसरी क्या सेवा हो सकती है। यही सोचकर रक्त करने का फैसला लिया।
8. अखबार में खबर पढ़कर पहली बार रक्त देने पहुंची दिव्यांशी कश्यप बहुत उत्साहित दिखाई दी। वह जल्द से जल्द रक्त देने की अपील कर रही थी। उसने कहा कि मैंने पहली बार रक्तदान किया है। गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।