प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि अवैध भवन नियमित करने को सरकार की ओर से तय रेट अभी भी ज्यादा हैं। आम लोगों को इसका फायदा कम, जबकि बिल्डरों को ज्यादा होगा। कहा कि सरकार के पास स्टाफ की कमी है। ऐसे में 2 महीनों में 35 हजार भवनों के नक्शों का प्रोसेस मुश्किल है।
पॉलिसी में सरकार ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि जो क्षेत्र पहले नगर निगम में नहीं थे, लेकिन वे क्षेत्र अब नगर निगम में आ गए हैं। ऐसे भवनों के रेगुलर होने पर क्या पॉलिसी लागू होगी ? आरोप लगाया कि सरकार अवैध भवनों को नियमित करने में कम रुचि ले रही है। गणेश दत्त ने कहा कि ईमानदार अफसर सरकार की आंखों में खटक रहे हैं।
चाहे वह जिलाधीश ऊना का तबादला हो या बीबीएन में अतिरिक्त पुलिस अधिकारी का। सरसों के तेल के विवाद में सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को रातोंरात तबादला इस बात को दर्शाता है कि ईमानदार अफसर सरकार को सूट नहीं कर रहे हैं। इन्हें पुरस्कृत करने के बजाए प्रताड़ित किया जा रहा है।