कोरोना काल के बीच बिहार चुनाव में जीत का परचम फहराकर अपने घर बिलासपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल के ताजा विवाद को लेकर आहत दिखे। लुहणू मैदान में अपने संबोधन में नड्डा ने कहा कि वह हमेशा धीर रहने के लिए कहते हैं, लेकिन जोश में आपने मुझे ही अधीर कर दिया। सत्ता को हासिल करने से ज्यादा उसे संभालना मुश्किल होता है। इसे वही संभाल सकता है जिसमें ठहराव हो।
दुर्गा और लक्ष्मी के मिलन से सत्ता बनती है। साथ रहेंगे तभी सत्ता में बने रहेंगे। उसे संभालकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर बिखर गए तो कुछ हाथ नहीं लगेगा। सीयू मसले पर किसी का नाम लिए बिना नड्डा बहुत कुछ कह गए और पार्टी के बड़े नेताओं जयराम और अनुराग ठाकुर को एक रहने का संदेश भी दे गए। वहीं, उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सीएम जयराम अच्छा काम कर रहे हैं। विकास के नाम पर सीएम की पीठ थपथपाकर उनकी हौसला अफजाई भी की।
नड्डा ने कहा कि बिहार चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया रिपोर्ट हौसला कमजोर कर देती थीं, लेकिन जब वह महिलाओं से मिलते थे तो वे कहती थीं कि मोदी को वोट देंगी। इससे निश्चय था कि कमल ही खिलेगा। पीएम ने बिहार में बहनों-माताओं के लिए 1.36 करोड़ इज्जत घर (टायलेट) बनवाए। अब बहनें दिनचर्या के लिए रात होने का इंतजार नहीं करतीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, अधिकतर मंत्रियों समेत करीब ढाई हजार कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नड्डा के कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और हिमाचल प्रभारी अविनाश राय खन्ना मौजूद नहीं रहे। उधर, बिलासपुर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान का कहना है कि नड्डा का मात्र घर आने का जिला स्तरीय कार्यक्रम था। इस कारण अनुराग ठाकुर और अन्य नेताओं को नहीं बुलाया गया।
नड्डा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया की जानी-मानी हस्तियों में से एक हैं। भारत की राजनीति का भी बड़ा चेहरा हैं। उन्होंने बिहार चुनाव जीतने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए जो सम्मान दिया, वह बताता कि मोदी पार्टी को कितना महत्व देते हैं। इसके लिए उन्होंने पीएम का आभार जताया।
जेपी नड्डा ने कहा कि मुझे झप्पी डालने वाला कहा जाता है। अपनों से गले मिलकर प्यार जताता हूं, लेकिन कोविड नियमों के चलते न चाहते हुए भी भावनाओं पर काबू पाना पड़ रहा है। कोविड प्रोटोकाल के चलते आप सभी ने अपना और मेरा ध्यान रखा, इसके लिए आभारी रहूंगा।