भाजपा से टिकट के लिए दावेदारों ने अंतिम ताकत झोंक दी है। कई दावेदार अपने विधानसभा क्षेत्र छोड़ दिल्ली में डेरा डालकर बैठ गए हैं। कुछ अपने सियासी गुरुओं के सहारे लॉबिंग में जुटे हैं। प्रदेश चुनाव समिति ने होमवर्क पूरा कर लिया है।
13 अक्तूबर को प्रदेश नेतृत्व की चंडीगढ़ में बैठक होगी। 14 अक्तूबर को दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक प्रस्तावित है। संभावना है कि शनिवार रात तक भाजपा लगभग 55 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करेगी।
लगभग एक दर्जन सीटों पर घमासान अधिक है। इसको लेकर 15 अक्तूबर शाम तक सूची जारी की जा सकती है। पार्टी के सर्वेक्षण, चुनाव और प्रदेश प्रभारियों की रिपोर्ट के साथ विधानसभाओं की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गोपनीय रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
अंतिम सूची पर स्थिति स्पष्ट नहीं
अलग-अलग सूचियां और रिपोर्ट होने के बाद अंतिम सूची में किस वरिष्ठ नेता का दखल अधिक होता है, यह स्पष्ट नहीं है। वर्ष 2012 में तत्कालीन सीएम प्रेम कुमार धूमल की चली थी, लेकिन इस बार प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं का टिकट वितरण में ज्यादा दखल नहीं दिख रहा है।
सूत्रों की मानें तो इस बार महामंत्री संगठन रामलाल और प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय की भूमिका अहम रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष और सांसदों की सीमित भूमिका रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि अभी संसदीय बोर्ड की बैठक के लिए नहीं बुलाया है। दो दिन में कभी भी बैठक हो सकती है।
यहां तैयार होगा पैनल
प्रदेश चुनाव समिति की शुक्रवार को चंडीगढ़ में अहम बैठक होगी। प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती और प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और अन्य सदस्य बैठक में रहेंगे। श्री नयना देवी में हुई पहली बैठक में लगभग 40 सीटों पर आम सहमति बन गई थी। 28 सीटों पर चंडीगढ़ में मंथन होगा। प्रेम कुमार धूमल सहित सभी मौजूदा विधायकों के नाम संसदीय बोर्ड में भेजे जाएंगे।