पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा सांसद शांता कुमार ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों को लेकर कहा कि देश की सबसे पुरानी और कभी सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस अब नपुंसक हो गई है। देश का सबसे शांतिप्रिय माने जाने वाला हिमाचल अब हर दृष्टि से बदनाम होता जा रहा है।
पहले वन विभाग के ईमानदार कर्मचारी की आत्महत्या या हत्या पर पुलिस कार्रवाई संदेह के घेरे में है। अब कोटखाई में एक मासूम गुड़िया से दुराचार, फिर हत्या और उसके बाद पुलिस और सरकार का शर्मनाक रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे बड़ी बात कि एक आरोपी की थाने के अंदर ही हत्या होना है।
शांता ने कहा कि कांग्रेस का अब न तो कोई हाई है और न ही कमांड। भ्रष्टाचार में घिरे अदालतों के चक्कर लगा रहे मुख्यमंत्री को दूसरी पार्टी कब की हटा चुकी होती। लेकिन, कांग्रेस में ऐसी हिम्मत ही नहीं है।
सरकार की निकम्मेपन की हालत यह है कि दो साल पहले उन्होंने और कांग्रेस सांसद विप्लव ठाकुर ने टांडा मेडिकल कॉलेज की सराय के लिए सांसद निधि से 50 लाख रुपये दिए थे।
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल निगम से दो करोड़ की राशि इस सराय के लिए और स्वीकृत करवाई थी। आग्रह करने के बाद मुख्यमंत्री ने सराय का शिलान्यास तो कर दिया लेकिन दो साल बीतने के बाद भी एक ईंट तक नहीं लगी।