भाजपा विधायक रमेश धवाला (फाइल फोटो)
कांगड़ा जिले की भाजपा में तनातनी के बीच हर तरफ से हारने और अकेला पड़ने के बाद ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने आखिरकार यू टर्न ले लिया। जिले के बाकी विधायकों के किनारा करने के बाद धवाला ने कहा कि मीडिया के समक्ष भावुकता में आकर उन्होंने कुछ बातों का जिक्र किया है, जिस पर वह खेद प्रकट करते हैं। वह ज्वालामुखी विस क्षेत्र से चार बार विधायक चुनकर आए हैं और संगठन के प्रति समर्पित हैं।
उनकी संगठन और सरकार को नुकसान पहुंचाने की कोई मंशा नहीं थी। इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धवाला को सीएम निवास ओकओवर बुलाकर बात की और उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। सीएम ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी बात की। नड्डा ने भी मामले में कड़ा संज्ञान लिया है।
गौर हो कि धवाला ने दो दिन पहले भाजपा संगठन महामंत्री पवन राणा के खिलाफ यह कहकर मोर्चा खोला था कि राणा उनके क्षेत्र में समानांतर लोगों को खड़ा कर रहे हैं। धवाला का दावा था कि अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे को उठाया, जबकि अन्य विधायकों ने स्पष्टीकरण दिया था कि उन्होंने राणा के खिलाफ कोई बात नहीं की।
वहीं शनिवार को धवाला ने कहा कि उन्होंने हमेशा संगठन को मजबूत करने के लिए सहयोग दिया है। जो उनके कुछ विषय थे, उनके बारे मुख्यमंत्री से अपना पक्ष रखा है और मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि यह विषय संगठन के अंदर चर्चा करके उनका समाधान करने का प्रयत्न करेंगे।
सूत्रों के अनुसार सीएम ने ओकओवर में धवाला को समझाया कि उन्होंने जिस तरह बयान दिया है, वह सही नहीं है। इससे बाहर गलत संदेश जा रहा है। धवाला ने मुख्यमंत्री से यह आश्वासन मांगा है कि उनके क्षेत्र में राणा का गलत हस्तक्षेप न हो। मुख्यमंत्री ने धवाला को आश्वस्त किया कि उनकी इस समस्या पर गौर किया जाएगा कि उनके हलके में विकास कार्यों में बाधा न हो।
अपने स्टैंड पर कुछ विधायक कायम नहीं: धवाला
विधायक रमेश धवाला ने कहा कि कुछ विधायक अपने स्टैंड पर कायम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में इस मुद्दे को कुछ अन्य विधायकों ने भी उठाया। वे टकराव से बचना चाह रहे हैं।