छह दिन पहले तक जो बागी प्रत्याशी भाजपा को गवारा नहीं था वही अब पार्टी में सबका प्यारा बन गया। नगर निगम शिमला के चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद भाजपा को इस शख्स की जरुरत पड़ गई। पंथाघाटी वार्ड से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीते राकेश कुमार शर्मा भाजपा की आंखों का तारा बन गए।
नगर निगम चुनाव में राकेश शर्मा पंथाघाटी वार्ड से टिकट की मांग कर रहे थे। लेकिन पार्टी की तरफ से उन्हें टिकट नहीं मिला। नाराज राकेश आजाद उम्मीदवार के तौर पर ही मैदान में उतर गए।
पहले तो पार्टी ने उन्हें समझाने बुझाने की कोशिश की। जब वह नहीं मानें तो उनके खिलाफ कड़ा फैसला ले लिया। मतदान से चंद दिन पहले 11 जून को भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
पार्टी ने मोहित ठाकुर को वार्ड से अपना प्रत्याशी बनाया था। राकेश शर्मा ने न सिर्फ भाजपा उम्मीदवार से ज्यादा वोट हासिल किए बल्कि 45 मतों से सीट पर भी कब्जा जमा लिया।