पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि पता चला है कि अमेरिका से आए एक पादरी ने अपनी वेबसाइट पर भारत के प्रधानमंत्री को आतंकवादी पार्टी का सदस्य बताया है। जो व्यक्ति वर्गों को आपस में लड़ाना चाहता हो और प्रलोभन देकर लोगों का जबरदस्ती धर्मांतरण करवाना चाहता हो, ऐसे व्यक्ति को वीजा ही नहीं मिलना चाहिए था।
पुलिस को इस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। गसोता मंदिर मेले के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर पर भी प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। कहा कि आज से पांच वर्ष पूर्व प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में टॉप के पुरस्कार मिलते थे।
लेकिन आज स्थिति यह है कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के बाहर फट्टे लगाने की होड़ ने प्रदेश में शिक्षा का बेड़ा गर्क कर दिया है। आने वाले चुनावों का विजन डाक्यूमेंट तैयार करते समय शिक्षा के स्तर का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
जब सरकारी स्कूलों में सुविधाएं अच्छी हैं, अध्यापक अच्छे हैं तब रिजल्ट खराब क्यों हैं। धूमल ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की विचारधारा से जुड़े प्रधानों और अन्य चुने हुए पंचायती राज संस्थाओं के लोगों पर झूठे केस बना कर कार्रवाई की जा रही है। भाजपा के सत्ता में आने पर ऐसे लोगों को न्याय दिलाया जाएगा। झूठे केसों में फंसाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रामलोक मंदिर मामले का न हो राजनीतिकरण
धूमल ने सोलन के रामलोक मंदिर के बाबा अमरदेव के सवाल पर कहा कि स्थानीय लोग और बाबा मिल बैठकर राम लोक मंदिर के निर्माण को आगे बढ़ाएं। इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और न ही इसे सरकार और जनता के बीच का मुद्दा बनाएं।