हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक में गुरुवार को एक -एक सीट पर मंथन हुआ और वैकल्पिक प्रत्याशियों पर भी मंत्रणा हुई। यह भी राय आई कि संगठन में काम करने वाले नेताओं से चुनाव न लड़ाया जाए। पार्टी के कोर ग्रुप ने वैकल्पिक प्रत्याशियों पर भी मंत्रणा की। रूठे हुए नेताओं को मनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। चारों संसदीय क्षेत्रों में करीब 10 सीटें ऐसी आंकी गईं, जिनमें बगावत रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत जताई गई।
भाजपा में कुछ कांग्रेस नेताओं को मिलाने पर भी चर्चा हुई। वीरवार देर रात तक भाजपा कोर ग्रुप की बैठक पीटरहॉफ शिमला में चली। इसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने की। बैठक में तीन महीने बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव को जीतने की रणनीति बनी। बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा आदि मौजूद रहे।
पूर्व मंत्रियों को नाराज करने से खुश नहीं धूमल
अपने करीबी दो पूर्व मंत्रियों को नाराज करने से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल खुश नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में उन्होंने संकेतों में इस संबंध में नाखुशी जाहिर की है। धूमल के करीबी पूर्व मंत्रियों देहरा से रविंद्र सिंह रवि और जोगिंद्रनगर से मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर के हलकों से इनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले दो निर्दलीय विधायकों को हाल ही में भाजपा में लिया गया है। रविंद्र रवि तो शिमला में ही हैं, वह धूमल से भी संपर्क में हैं।