पौंग बांध में प्रवासी पक्षियों की मौत के बाद केंद्र से पहुंची विशेषज्ञ टीम जायजा लेती हुई।
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पौंग बांध में फैले बर्ड फ्लू के बीच रविवार को भी 215 और प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई है। यहां मृत प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा 4,235 पहुंच गया है। जिला कांगड़ा में बर्ड फ्लू से कौवों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को जिले भर में 17 और मृत कौवे मिले हैं। इनमें सबसे अधिक 12 कौवे जवाली में मिले हैं। रविवार को 17 और मृत कौवे मिलने से इनकी संख्या बढ़कर 88 हो गई है।
एक मृत चील भी मिली है। इसकी पुष्टि राज्य स्तर पर बर्ड फ्लू के लिए परामर्शदाता बिक्रम वशिष्ठ ने की है। जिला कांगड़ा से अब तक 119 मुर्गों, पांच बार हैडेड गीज और तीन कौवों को मिलाकर 127 पक्षियों के सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। इनमें से पांच और प्रवासी पक्षियों समेत तीन कौवों की भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।
मंडी जिला के सुंदरनगर में बीएसएल जलाशय के किनारे एक प्रवासी पक्षी, ललित चौक के पास तोता जबकि लोअर बैहली में मृत कौवा मिला है। शिमला जिला के सुन्नी और ठियोग क्षेत्र में भी दो मृत पक्षी मिले हैं। उधर, रैपिड रिस्पांस टीमों ने चंबा व तीसा क्षेत्र में भी 33 सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए जालंधर भेजा गया है।
नगरोटा सूरियां, पौंग झील का जायजा लेगी टीम
पौंग झील क्षेत्र में रविवार को दिल्ली से पहुंची पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने दौरा किया। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ संजीव धीमान ने बताया कि पौंग झील में बर्ड फ्लू को लेकर प्रवासी पक्षियों के साथ स्थानीय पक्षियों की मौत का जायजा लेने के लिए तीन विशेषज्ञों की टीम यहां पहुंची है।
11 जनवरी को टीम नगरोटा सूरियां व पौंग झील के आसपास क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेगी। बड़ा सवाल यह है कि प्रवासी पक्षी हजारों मील का सफर तय कर पौंग पहुंच रहे हैं। लेकिन झील पहुंचने के बाद ही क्यों मर रहे हैं? इसकी छानबीन करने के लिए ही टीम यहां पहुंची है।