बिहार के बक्सर जिले में स्थित गोकुल जलाशय और पश्चिम चंपारण जिले की उदयपुर झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि यानी रामसर साइट का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही बिहार में ऐसे स्थलों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है और देश में 93 रामसर स्थल हो गए हैं। ये सभी स्थल लगभग 13,60,719 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं।
यह उपलब्धि जैव विविधता संरक्षण, जलवायु संतुलन और सतत आजीविका के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को बिहार को दो और रामसर साइट का तोहफा मिलने की खबर सोशल मीडिया में साझा की। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, बहुत ही अच्छी खबर! आर्द्रभूमियां सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- बिहार के लोगों को विशेष धन्यवाद, जो विचार और व्यवहार दोनों से यह दिखा रहे हैं कि पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी कैसे बनें।