शिमला। शहरवासियों को अब बिजली बिल की तरह गारबेज शुल्क का मैसेज भी मोबाइल पर मिलेगा। मैसेज में बिल के साथ वेबसाइट का लिंक भेजा जाएगा। इस पर क्लिक कर लोग घर बैठे ही शुल्क जमा कर सकेंगे। इसी महीने से नगर निगम यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
हर महीने के पहले हफ्ते में सभी उपभोक्ताओं को यह मैसेज मिलेगा। बिल जमा करने के लिए पूरे महीने का वक्त दिया जाएगा। वहीं, हर महीने शुल्क जमा न करने वाले उपभोक्ताओं को प्रापर्टी टैक्स की तर्ज पर ब्याज भी चुकाना होगा। प्रतिमाह एक फीसदी ब्याज शुल्क के साथ जुड़ता जाएगा। नगर निगम पहली बार शिमला शहर में गारबेज शुल्क वसूलने के लिए यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसी हफ्ते निगम प्रशासन सीएम जयराम ठाकुर के हाथों नई आनलाइन सेवा को लांच करने की तैयारी कर रहा है। शहर में 55 हजार उपभोक्ता डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से जुड़े हैं जिन्हें अब मासिक बिल मोबाइल पर मिलेगा। निगम ने आईटी विभाग की मदद से मोबाइल नंबर सहित सभी उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड तैयार कर लिया है। इसी महीने से इन्हें कूड़ा शुल्क के मैसेज मिलना शुरू हो जाएंगे।
यहां भी जमा कर सकेंगे बिल
सैहब सोसायटी के सुपरवाइजर अब घर आकर शुल्क नहीं लेंगे, जो उपभोक्ता मोबाइल पर भेजे लिंक या नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर आनलाइन शुल्क जमा नहीं करवा सकेंगे, वह लोग निगम के सुविधा केंद्र या कैश काउंटर पर जाकर शुल्क जमा करवा सकेंगे। उपभोक्ता निगम की वेबसाइट पर दिए लिंक पर क्लिक कर अपने नाम, मोबाइल नंबर या गारबेज आईडी के जरिये अपने गारबेज बिल का पता कर सकते हैं। सुपरवाइजरों को अब अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था चेक करने का जिम्मा दिया जा रहा है।
इसी महीने लागू होगी व्यवस्था
निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने कहा कि बिजली बिल की तरह गारबेज शुल्क का मैसेज उपभोक्ताओं को मोबाइल पर भेजा जाएगा। मैसेज के साथ भेजे लिंक पर लोग शुल्क जमा कर सकते हैं। बिल न चुकाने पर ब्याज वसूलने का भी प्रावधान किया है।