नए बजट को पारित करने की प्रक्रिया को अपनाने से पहले बुधवार को सदन में पुराने बजट अनुमानों के विनियोग अधिनियमों को निरस्त करने का विधेयक सदन में पेश किया गया। यह विधेयक वर्ष 1952 से लेकर 2018 तक के विनियोग विधेयकों के निरसन से संबंधित है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को सदन के पटल पर हिमाचल प्रदेश विनियोग अधिनियम (निरसन) विधेयक 2019 को सदन के पटल पर रखा। इसे आगामी दिनों में पारित किया जाएगा।
सीएम की ओर से सदन के पटल पर रखे गए विधेयक में प्रस्ताव किया गया कि उन विनियोग अधिनियमों का निरसन किया जाना प्रस्तावित है, जिनका महत्व समाप्त हो गया है। जो अप्रचलित एवं अनावश्यक हो गए हैं।
जिनका पृथक, स्वतंत्र और विशेष अधिनियमों के रूप में प्रतिधारण अनावश्यक हो गया है। ऐसे निरसन का उद्देश्य स्पष्टता लाने के लिए कानून की पुस्तक में ऐसी अनावश्यक विधियों को हटाना है।
हिमाचल प्रदेश में गत 67 वर्षों के दौरान अधिनियमित विनियोग अधिनियमों का महत्व समाप्त हो गया है, किंतु वे अभी तक कानून की पुस्तकों में दर्शाए जा रहे हैं। ये विधियां या तो असंगत हो गई हैं या अप्रक्रियात्मक हो चुकी हैं। विशेष रूप से अपना प्रयोजन पूर्ण कर चुकी हैं और उनकी सार्थकता खत्म हो गई है।