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बिलासपुर: निजी नर्सरी में बेचे सरकारी खैर के पौधे, वन रक्षक सस्पेंड, 75 हजार की पेनल्टी

Wed, 22 Jul 2026 06:20 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।

सार

 वन विभाग में पौधरोपण अभियान में बड़े स्तर पर लापरवाही और पौधों की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि वन रक्षक ने प्लांटेशन के लिए खारसा चंगर नर्सरी से ले जाए गए खैर के 1500 से 2000 पौधे घुमारवीं की एक निजी नर्सरी में बेच दिए। 
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वन रक्षक निलंबित(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 वन विभाग में पौधरोपण अभियान में बड़े स्तर पर लापरवाही और पौधों की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि वन रक्षक ने प्लांटेशन के लिए खारसा चंगर नर्सरी से ले जाए गए खैर के 1500 से 2000 पौधे घुमारवीं की एक निजी नर्सरी में बेच दिए। लापरवाही सामने आने पर विभाग ने कुड्डी बीट में तैनात एक वन रक्षक को सरकारी पौधे निजी नर्सरी में बेचने के आरोप में निलंबित कर दिया है। मामले में विभाग ने कर्मचारी के खिलाफ सीसीएस नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उस पर 75 हजार रुपये की पेनल्टी भी लगाई है। जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई को कुड्डी बीट में पौधरोपण के लिए खारसा चंगर नर्सरी से पौधे भेजे गए थे। बीट रक्षक पौधे लेकर गया था।

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अगले दिन अधिकारियों को सूचना मिली कि पौधे तय पौधरोपण क्षेत्र में नहीं पहुंचे हैं। जब संबंधित वन रक्षक से इस बारे में पूछताछ की गई तो उसका जवाब अधिकारियों को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी। जब अधिकारी घुमारवीं क्षेत्र की ओर जा रहे थे तो भगेड़ के पास उन्हें एक वाहन मिला, जिसमें खैर के छोटे-छोटे पौधे लदे थे। अधिकारियों ने वाहन को रोककर चालक से पौधों के बारे में जानकारी ली। चालक ने पूछताछ में बताया कि ये पौधे घुमारवीं स्थित एक निजी नर्सरी से उठाकर कुड्डी बीट में रखने के लिए कहा गया था। जांच में सामने आया कि संबंधित वन रक्षक ने सरकारी नर्सरी से ले जाए गए पौधों को निजी नर्सरी में पहुंचा दिया था और बाद में उन्हें वापस लाने का प्रयास किया जा रहा था।

मामले की पुष्टि के लिए विभागीय टीम घुमारवीं स्थित निजी नर्सरी पहुंची। यहां नर्सरी संचालक से पूछताछ की गई। विभाग के अनुसार नर्सरी संचालक ने भी बताया कि वन रक्षक पौधे वहां छोड़कर गया था। सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर विभाग ने पाया कि बड़ी संख्या में सरकारी पौधों को निजी नर्सरी में पहुंचाया गया था। विभागीय जांच में प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि करीब 1500 से 2000 खैर के पौधों की हेराफेरी की गई। हालांकि, पौधों की सटीक संख्या और नुकसान का आकलन विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर किया जा रहा है।
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कोट

कुड्डी वन बीट में सरकारी पौध को निजी नर्सरी में बेचने का मामला सामने आया था। उसके बाद जब जांच की गई तो इसमें बीट गार्ड की भूमिका मिली। कार्रवाई कर उसे निलंबित किया गया है। आरोप गंभीर हैं और चार्जशीट करने के लिए लिख दिया है। -मृत्युंजय माधव, अरण्यपाल बिलासपुर

 

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