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बिलासपुर बस हादसा: एक साथ जलीं परिवार के चार सदस्यों की चिताएं, बच्चे ने दी मुखाग्नि, रो पड़ा पूरा गांव

Wed, 08 Oct 2025 07:24 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।

सार

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बरठीं के भल्लू पुल के पास मंगलवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की माैत हो गई।
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एक साथ जलीं परिवार के चार सदस्यों की चिताएं, बच्चे ने दी मुखाग्नि - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बरठीं के भल्लू पुल के पास मंगलवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की माैत हो गई। इस बस हादसे ने फगोग गांव के एक ही परिवार के चार लोगों को काल का ग्रास बना दिया। बुधवार को जब गांव के श्मशान घाट पर चार चिताएं एक साथ जलने लगीं तो माैजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। इस हादसे में सुरक्षित बच गए आठ वर्षीय शौर्य ने अपनी मां की चिता को मुखाग्नि दी।

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लोग बोले- इलाके में पहली बार ऐसा दर्दनाक हादसा
भल्लू पुल के पास हुए बस हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भयावह और हृदयविदारक त्रासदी पहले कभी नहीं देखी। पूरा गांव मातम में डूब गया। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह आपदा हृदय को झकझोर देने वाली है। इतने निर्दोष लोगों की मौत ने प्रदेश को गहरे शोक में डाल दिया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। हादसे में फगोग के एक ही परिवार के चार लोग काल का ग्रास बन गए। हादसे में फगोग गांव की अंजना कुमारी, उसके दो बेटे नक्ष व आरव और उसकी जेठानी कमलेश कुमारी जीवन की जंग हार गए। अंजना कुमारी और कमलेश कुमारी के मायके गंगलोह थेह गांव में हैं। दर्दनाक दुर्घटना में मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करने के लिए बुधवार को बरठीं बाजार दोपहर तक पूरी तरह बंद रहा। अंजू कुमारी और कमलेश कुमारी का मायका गंगलोह थेह गांव में था। बताया जा रहा है कि दोनों देवरानी और जेठानी मायके से अपने ससुराल फगोग जा रही थीं, तभी यह हादसा हुआ।

 

हादसे में भाई-बहन सुरक्षित निकाले
बता दें, हादसे के बाद मलबे से सुरक्षित निकाले गए दो भाई-बहन शौर्य और आरुषि को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स बिलासपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से उन्हें रात को छुट्टी दे दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करते हुए आरुषि और शौर्य ने बताया कि बस सवारियों से भरी थी और हम बस मे पिछली सीट पर बैठे थे। जैसे ही पहाड़ी से मलबा गिरने लगा, तो हम दोनों सीट के नीचे घुस गए। मलबा सवारियों के ऊपर आ गिरा, लेकिन सीट के नीचे होने के कारण हमारी जान बच गई। हादसे में इन बच्चों की मां के अलावा दो चचेरे भाइयों और चाची की मौत हो गई है

निजी बस हादसे में गई 16 लोगों की गई जान
बता दें, मंगलवार को भारी बारिश के बीच बिलासपुर के मरोतन से घुमारवीं जा रही 32 सीटर निजी बस पर पहाड़ से भारी भरकम चट्टानों के साथ मलबा आ गिरा। मंगलवार शाम को हुए इस हादसे में 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा बरठीं में भल्लू पुल के पास शुक्र खड्ड किनारे हुआ। पहाड़ी से मलबा गिरने से निजी बस की छत उखड़कर खड्ड के किनारे जा गिरी, जबकि सारा मलबा बस में बैठी सवारियों पर आ गिरा। 
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अल्फा स्कूल बरठीं में छाया मातम
भल्लू में हुई बस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में अल्फा स्कूल बरठीं के दो बच्चे और चार अभिभावकों ने अपनी जान गवाईं। विद्यालय में इस हृदय विदारक घटना के चलते एक दिन का शोक अवकाश घोषित किया गया है। इस हादसे में अल्फा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरठीं के दो नन्हे छात्र नक्ष (कक्षा 3) और आरव (यूकेजी) उनकी मां अंजना और ताई कमलेश की मौत हो गई। यह सब एक ही परिवार के सदस्य थे। इसी परिवार के दो बच्चे शौर्य व आरुषि सुरक्षित निकाले गए। इस दुर्घटना में पाठशाला में पढ़ रहे बच्चों के दो अन्य अभिभावक गांव छत से नरेंद्र शर्मा और गांव कच्यूट से सोनू की भी मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया है। प्रधानाचार्य टीडी शर्मा, प्रशासनिक प्रधानाचार्य रचना कुमारी और सभी अध्यापकों ने विद्यालय में मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के घर जाकर सांत्वना दी। प्रधानाचार्य शर्मा ने कहा कि नक्ष और आरव दोनों ही पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में प्रतिभाशाली व अनुशासित बच्चे थे।
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