बैठक में फैसला लिया गया कि इसी सत्र से बीटेक, एमबीए और एमसीए समेत अन्य विभागों में दाखिले के लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होगी। विद्यार्थियों की काउंसलिंग प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी।2020-21 सत्र से तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने, दिव्यांगजनों को अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों में दाखिले के दौरान पांच फीसदी आरक्षण देने, सायंकालीन सत्र में पीजी डिप्लोमा इन योगा शुरू करने और एमबीए तथा एमसीए के विद्यार्थियों को अपनी डिग्री पूरी करने के लिए मई 2020 में विशेष मौका देने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
ये फैसले भी लिए
माइग्रेशन से संबंधित संशोधनों को किया अनुमोदित। विवि के स्कूल या संबद्धता प्राप्त संस्थानों और इसके विपरीत एक संस्थान से दूसरे संस्थान में एक ही कार्यक्रम/अनुशासन में दूसरे वर्ष यानी तीसरे सेमेस्टर में माइग्रेशन प्रथम सेमेस्टर पूर्ण करने पर की जाएगी। इससे पहले माइग्रेशन प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर के सफल समापन पर की जाती थी। लेटरल एंट्री के संदर्भ में तीसरे सेमेस्टर में पास होना चाहिए और उसको पांचवें सेमेस्टर में माइग्रेट किया जाएगा।