ये चार परियोजनाएं कुल 475.5 मेगावाट की क्षमता वाली है। इन परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे। उधर, नई बिजली परियोजनाओं की राह में एफसीए भी बड़ा बाधक बन गया है।
एफसीए की मंजूरी के बिना 25 छोटी परियोजनाएं सिरे नहीं चढ़ रही हैं। ऊर्जा निदेशालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने 25 मेगावाट तक की क्षमता वाली बिजली परियोजनाओं को एफसीए मंजूरी से छूट दी हुई है।
इसके बावजूद मामले अभी लंबित पड़े हुए हैं। उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण कपूर ने बताया है कि इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा रहा है।