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Una News: ढोल-नगाड़े और शहनाई की मधुर ध्वनि के साथ लगाया जाएगा मां चिंतपूर्णी को भोग

Thu, 31 Aug 2023 09:00 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, भरवाईं (ऊना)

सार

 अब ढोल-नगाड़े और शहनाई के की मधुर ध्वनि के बीच भोग लगाया जाएगा। भोग लगाने की प्रक्रिया में बदलाव का फैसला मंदिर प्रशासन व पुजारी वर्ग ने लिया।
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मां चिंतपूर्णी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी को लगाए जाने वाले भोग की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब ढोल-नगाड़े और शहनाई के की मधुर ध्वनि के बीच भोग लगाया जाएगा। भोग लगाने की प्रक्रिया में बदलाव का फैसला मंदिर प्रशासन व पुजारी वर्ग ने लिया। गुरुवार को नई व्यवस्था के साथ ही माता रानी को भोग लगाया गया। जानकारी के अनुसार मां चिंतपूर्णी दरबार में दिन में तीन समय भोग लगाया जाता है। अब ढोल, नगाड़े और शहनाई के साथ छत्र की छाया तले प्रसाद गर्भ गृह तक ले जाया जाएगा।

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मंदिर के गर्भ गृह तक पुजारी सनातन तरीके से भोग प्रसाद को लेकर आएंगे। पुजारी बारीदार सभा के प्रधान रविंदर छिंदा ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी का भोग प्रसाद दिन में सुबह, दोपहर और शाम के समय लगाया जाता है। अब पुजारी बारीदार सभा और मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि माता रानी का भोग लगाने के लिए जब लाया जाएगा तो मंदिर के पुजारी और पंडित ढोल-नगाड़े और शहनाई के साथ इस भोग प्रसाद को गर्भ गृह तक लेकर आएंगे।

उन्होंने बताया कि बाकी मंदिरों में भी भोग प्रसाद लगाने की ऐसी ही व्यवस्था है। भोग प्रसाद लगाने की इस व्यवस्था को शुरू करने के दौरान मंदिर के पुजारी विनोद कालिया, सचिन कालिया, रोहन कालिया, महावीर कालिया, भूषण कालिया, मंदिर अधिकारी अजय सिंह मण्डयाल मौजूद रहे।
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मां चिंतपूर्णी मंदिर में व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य जारी है। इसमें लोगों का आस्था का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। इसी के तहत माता रानी के भोग लगाने की व्यवस्था में बदलाव हुआ है, जिसे देख माता रानी के भक्तों को भी अद्भुत अहसास होगा। -अजय सिंह मण्डयाल, मंदिर अधिकारी।

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