उन्होंने कहा कि आईटीआई लिमिटेड को इसके कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी है। योजना के तहत ओएफसी-रिंग आर्किटेक्चर, ब्लॉक-स्तर एमपीएलएस राउटर, पंचायत-स्तरीय आईपी कनेक्टिविटी और रिमोट मॉनिटरिंग की सुविधा होगी। गांवों के स्कूल, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी कार्यालय इससे जुड़ेंगे। परियोजना से शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आसान होंगी। बीएसएनएल की एफटीटीएच सेवा अब हर जिले में उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को 300 एमबीपीएस तक की इंटरनेट स्पीड और मुफ्त कॉलिंग सुविधा मिलेगी।
बीएसएनएल की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर शिमला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाप्रबंधक चरण सिंह ने बताया कि कंपनी ने 18 वर्षों बाद लगातार दो तिमाहियों में लाभ दर्ज किया। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 262 करोड़ और चौथी तिमाही में 280 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। हिमाचल परिमंडल का राजस्व 2023-24 के 260 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 325 करोड़ रुपये रहा, जो 25% वृद्धि है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भी राजस्व 63 करोड़ से बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो गया, जो 27% वृद्धि दर्शाता है। 1 सितंबर तक परिमंडल ने 5,790 लीज्ड सर्किट स्थापित किए हैं। इस वित्त वर्ष की सितंबर तक 602 नए सर्किट जोड़े गए, जबकि पिछले साल इस अवधि में 269 ही थे। उद्यम राजस्व भी 4.76 करोड़ से बढ़कर 10.49 करोड़ रुपये हो गया। आपदा प्रबंधन के लिए बीएसएनएल ने राज्य एजेंसियों को लगभग 100 उपग्रह फोन उपलब्ध कराए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिकारी राजन कंबोज (पीजीएम ईबी एवं टीएक्स), वि. प्रकाश (पीजीएम सीएम), राम गोपाल मीणा (जीएम शिमला), उप महाप्रबंधक (वित्त) मुकेश कुमार, उप महाप्रबंधक (सीएम) हेमराज बगटा, उप महाप्रबंधक (सीएफए) मनोज कुमार और उप महाप्रबंधक (प्रशासन) अभय ठाकुर मौजूद रहे।
रजत जयंती के अवसर पर बीएसएनएल कर्मचारियों ने मॉल रोड पर रैली निकाली। बीएसएनएल के छोटा शिमला कार्यालय में पौधरोपण किया गया। शाम 3:30 बजे से 6 बजे तक बीएसएनएल कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए गेयटी थियेटर में सांस्कूतिक कार्यक्रम हुआ।