कांगड़ा के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सत्ता बदलने के साथ कई नेताओं की आस्थाएं बदलती दिखीं। जो नेता कभी पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ अंग-संग रहते थे, वे सीएम सुक्खू के सामने प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, सुक्खू गुट के कई नेता प्रतिभा सिंह के साथ ठहाके लगाकर बातचीत करते रहे। राजनीतिक पंडितों की मानें तो चूंकि अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हैं।
ऐसे में वीरभद्र गुट के जो नेता विधायक बने हैं, वे सुक्खू की आंखों में खटककर अपना नुकसान नहीं करवाना चाहते। इसलिए वे यात्रा के दौरान सुक्खू के सामने प्रतिभा सिंह के पास जाने से कन्नी काट रहे थे। हालांकि, यात्रा के दौरान प्रतिभा सिंह को हाईकमान ने पूरी तवज्जो दी। मुख्यमंत्री सुक्खू और प्रतिभा सिंह राहुल गांधी के अंग-संग रहे। हाईकमान से आए कई वरिष्ठ नेताओं ने जी 23 के एक वरिष्ठ नेता को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
लाइम लाइट से उन्हें दरकिनार करने की कोशिश की गई। एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने यह भी कोशिश की कि जी 23 के इस नेता को बोलने का ही मौका नहीं दिया जाए। यात्रा में हिमाचल के एक बड़े अफसर ने कांग्रेस नेताओं की खुशामद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिस मैट पर नेता चल रहे थे और जिस बिस्तर पर सो रहे थे, उसे साफ कैसे रखा जाए, ऐसे प्रबंधन में ही अफसर व्यस्त रहे।
यात्रा में भीड़ जुटाने का जिम्मा कांगड़ा जिले के प्रमुख नेताओं पर था। ये नेता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से भीड़ जुटाकर लाए थे। आरएस बाली, सुधीर शर्मा, केवल पठानिया, भवानी पठानिया, आशीष बुटेल समेत कई नेता अपने साथ लोग लाए थे। आरएस बाली और उनके समर्थकों ने रास्ते में राहुल गांधी का अलग से स्वागत किया। यात्रा में कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा भी शामिल हुए। वे दुबई से एक दिन पहले ही धर्मशाला पहुंचे थे। यात्रा में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने यात्रा का जगह जगह स्वागत किया। हिमाचल में सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया।