फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन: पहले विद्युतिकरण होगा, फिर बिछेगा 26 किलोमीटर लंबा ट्रैक

Thu, 16 Jan 2025 01:29 PM IST
Krishan Singh सरोज पाठक, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर

सार

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल लाइन भानुपल्ली-बिलासपुर के पहले चरण में ट्रैक बिछाने का काम शुरू होने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
रेलवे लाइन(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल लाइन भानुपल्ली-बिलासपुर के पहले चरण में ट्रैक बिछाने का काम शुरू होने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। कारण यह है कि रेल लाइन का ट्रैक बिछाने से पहले अलाइनमेंट पर ओवरहेड उपकरण (ओएचई) मास्ट लगाने का काम होना बाकी है।  ट्रैक बिछाने के बाद इन मास्ट को नहीं लगाया जा सकता है। आरवीएनएल ने इनको लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका काम पूरा होने के बाद ही ट्रैक बिछाने का काम होगा। रेल लाइन का इलेक्ट्रिफाई सेक्शन वह खंड होता है, जहां रेल संचालन के लिए विद्युत प्रणाली का उपयोग किया जाता है।

विज्ञापन


इसका मतलब है कि इस सेक्शन में ट्रेनों को बिजली से चलाने के लिए ओवरहेड उपकरण और अन्य विद्युत संरचनाएं उपलब्ध होती हैं। इलेक्ट्रिफाई सेक्शन में मुख्य रूप से ओवरहेड वायर ट्रेनों को बिजली सप्लाई करती है। पैंटोग्राफ के जरिए ट्रेन इन तारों से संपर्क करती है। ओएचई मास्ट ओवरहेड तार को सहारा देते हैं और उन्हें सही ऊंचाई और स्थिति में रखते हैं। विद्युत सबस्टेशन बिजली की आपूर्ति को नियंत्रित रखते हैं। यह उच्च वोल्टेज को ट्रेन के लिए उपयुक्त वोल्टेज में बदलता है। पैंटोग्राफ ऐसा ट्रेन का उपकरण है, जो ओवरहेड तार से संपर्क करता है और ट्रेन को बिजली देता है। 

इलेक्ट्रिफाई सेक्शन रेलवे के आधुनिकीकरण और दक्षता बढ़ाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण प्रोग्राम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पूरे रेल नेटवर्क को विद्युत प्रणाली से जोड़ना है। इससे परिचालन लागत और पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जाता है। बताते चलें कि रेल विकास निगम लिमिटेड ने भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के ट्रैक और लिंकिंग के लिए 74 करोड़ का टेंडर चार माह पहले जारी किया था। भानुपल्ली से पहाड़पुर तक के 26 किलोमीटर ट्रैक को बिछाने के लिए 30 महीने का समय दिया है।
विज्ञापन

इस ठेके में पंजाब और हिमाचल प्रदेश में ट्रैक बैलास्ट आपूर्ति, रेल वेल्डिंग और संबंधित पी-वे कार्य शामिल हैं। ट्रैक बिछाने के लिए कंपनी ने पूरा मटेरियल साइट पर पहुंचा दिया है। अब तब तक इसे बिछाने का काम शुरू नहीं होगा जब तक ओएचई मास्ट लगाने का काम पूरा नहीं होता। इसी कारण ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू करने में देरी हो रही है। ट्रैक बिछाने का काम करने वाली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि ओएचई मास्ट लगाने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें