शिमला। मशोबरा में यूको आरसेटी मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छत्ते की सफाई और मोम बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक प्रकाश ने बताया कि मधुमक्खी पालन ऐसा क्षेत्र है जिसमें कम पूंजी से अच्छी आमदनी हो सकती है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को छत्ते की सफाई के महत्व पर जोर दिया। पुराने मोम, गंदगी, फंगस और मरी हुई मधुमक्खियों को हटाने से शहद का उत्पादन बढ़ता है। इसलिए प्रतिभागियों को सफाई की व्यावहारिक प्रक्रिया भी सिखाई जा रही है। यूको आरसेटी संस्था की निदेशक शबनम कोमल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कम लागत में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। संवाद