कहते हैं कि अगर आपमें आगे बढ़ने की चाहत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जिला शिमला के एक छोटे से गांव भलावग (आलमपुर) के रहने वाले धीरेंद्र सिंह रावत ने।
'ऑल इज वेल' और 'तमाशा' जैसी फिल्मों में अभिनय कर चर्चा में आए रावत का कलाकार बनने का सफर आसान नहीं था। शुरुआत एक पहलवान के रूप में हुई और स्कूल व कॉलेज स्तर पर कुश्ती में स्टेट और नेशनल लेवल के पहलवानों को हराकर कई खिताब अपने नाम किए।
लेकिन कुश्ती में करिअर बनाने की बजाए साल 2006 में थिएटर की राह चुनी। इसके लिए बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर की वर्कशॉप में अभिनय सीखना शुरू किया। बाद में केदार ठाकुर और मनीष शर्मा के निर्देशन में कई नाटक किए।