जिला स्तर पर संासद और जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उपमंडल स्तर पर विधायकों और उपमंडल अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी कड़ी अक्तूबर महीने में दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद देश भर के दो लाख से अधिक वकील सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसद तक मार्च निकालेंगे। इस अवसर पर बार काउंसिल के सदस्य आईएन मेहता, लवनीश कंवर और अजय शर्मा भी मौजूद रहे।
बार काउंसिल ने केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे हायर एजूकेशन कमीशन आफ इंडिया एक्ट 2018 का भी विरोध किया है। काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने कहा कि इस एक्ट को लाकर केंद्र सरकार विभिन्न तरह के शिक्षण संस्थानों को अपने अधीन लाने के प्रयास कर रही है।
इस एक्ट के आने से यूजीसी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। बार काउंसिल आफ हिमाचल ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त होने वाले जजों को सेवानिवृत्ति के बाद पोस्टिंग देने का विरोध किया है।
काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने कहा कि देश की विभिन्न अदालतों में काम करने वाले वकील भी बहुत काबिल हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद जजों को ही नियुक्तियां देना गलत है। इस प्रथा के बंद होने से न्यायिक व्यवस्था में निष्पक्ष फैसले आ सकेंगे।