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Shimla Bantony Castle Digital Museum: शिमला में तैयार हुआ प्रदेश का पहला डिजिटल संग्रहालय, जानिए क्या होगा खास

Thu, 09 Jul 2026 01:13 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

Shimla Bantony Castle Digital Museum: शिमला स्थित ऐतिहासिक बैंटनी कैसल को प्रदेश के पहले डिजिटल संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 10 जुलाई को इसका उद्घाटन करेंगे। करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से तैयार संग्रहालय में स्पर्श स्क्रीन और आधुनिक तकनीक के माध्यम से हिमाचल की संस्कृति, इतिहास और विरासत की जानकारी आकर्षक ढंग से उपलब्ध कराई जाएगी।
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ऐतिहासिक इमारत बैंटनी कैसल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजधानी शिमला की ऐतिहासिक इमारत बैंटनी कैसल अब एक आधुनिक डिजिटल संग्रहालय के रूप में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत का खजाना खोलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 10 जुलाई को इस अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। यह प्रदेश में भाषा एवं संस्कृति विभाग का पहला इंटरेक्टिव स्क्रीनों से सुसज्जित संग्रहालय होगा, जो हिमाचल की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को एक नए अंदाज में प्रस्तुत करेगा।

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एक स्पर्श से खुलेगा इतिहास का द्वार
इस डिजिटल संग्रहालय की सबसे खास बात यह है कि यह इंटरेक्टिव स्क्रीनों से लैस है। आगंतुक एक साधारण स्पर्श से हिमाचल प्रदेश की कला, संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, इतिहास और स्मारकों के बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। संग्रहालय में टच स्क्रीन डिस्प्ले और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) उपकरणों का उपयोग किया गया है, जो आगंतुकों को विभिन्न दृश्यों को देखने, मॉडलों को घुमाने और संबंधित जानकारी प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करते हैं। इससे न केवल जानकारी को अधिक आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा, बल्कि आगंतुकों को एक अनूठा अनुभव भी मिलेगा।

आठ करोड़ की लागत से विस्तारीकरण, आधुनिक तकनीक का समावेश
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा इस संग्रहालय का आठ करोड़ रुपये की लागत से विस्तारीकरण किया गया है। पहले जहां बैंटनी कैसल में शिमला का इतिहास, महात्मा गांधी का शिमला दौरा, कांगड़ा कलम, चंबा थाल, कांगड़ी टोपी, शॉल और हिमाचल के स्मारकों जैसी चीजें प्रदर्शित थीं, वहीं अब इन सभी को इंटरेक्टिव स्क्रीनों के माध्यम से और भी विस्तार से समझाया जाएगा। वीआर तकनीक का उपयोग करके, लोग पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक झलक को अधिक गहराई से महसूस कर सकेंगे।
 

पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए नया आकर्षण
यह डिजिटल संग्रहालय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा, जो हिमाचल की संस्कृति को समझने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करेगा। साथ ही, यह स्थानीय लोगों को भी अपनी विरासत से जुड़ने का एक नया अवसर देगा। पहले यह सुविधा अक्तूबर 2025 में शुरू होनी थी, लेकिन आधुनिक इंटरेक्टिव स्क्रीनों की उपलब्धता में अधिक समय लगने के कारण इसके उद्घाटन में देरी हुई।
 

उद्घाटन समारोह में विशिष्ट हस्तियों की उपस्थिति
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हाथों होने वाले इस उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और विभाग की निदेशक रीमा कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे। इस डिजिटल संग्रहालय के खुलने से हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
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जानें टिकट का दाम और टाइमिंग 
संग्रहालय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुला रहेगा। इसके बाद पर्यटक लाइट एंड साउंड शो का आनंद ले सकेंगे, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है।
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