इस दो दिवसीय हड़ताल के चलते प्रदेश वासियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल के दौरान बैंक अफसरों और कर्मचारियों की नौ यूनियनें केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगी।
बीते दिनों केंद्र सरकार को सौंपे गए मांगपत्र की अनदेखी से नाराज होकर यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। प्रदेश बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम वर्मा ने बताया है कि इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा वेतन में दो फीसदी की मामूली बढ़ोतरी की गई है।
विगत बीते पांच मई को हुई बातचीत के दौरान आईबीए ने वेतन में दो फीसदी की बढ़ोतरी सहित दो प्रस्ताव दिए थे, जिसे खारिज कर दिया गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) एआईबीओसी, एआईबीईए तथा एनओबीडब्ल्यू सहित नौ संगठनों का एक निकाय है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर देश के 10 लाख बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी 30 और 31 मई को हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि बैंककर्मियों की मेहनत व ईमानदारी का दो प्रतिशत वृद्धि प्रस्ताव एक मजाक बन कर रह गया है। बैक कर्मचारी दूरदराज क्षेत्रों में विकट परिस्थिति में काम कर रहे हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन हिमाचल संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि 30 से 31 मई तक सभी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान कर्मचारी शिमला में डीसी कार्यालय के पास एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान सभी एटीएम में कैश उपलब्ध रहेगा। इसके लिए पहले ही तैयारियां पूरी की जा चुकी है। साथ ही नेट बैंकिंग भी चालू रहेगी। लोग ऑनलाइन लेन-देन कर सकेंगे।