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जनजातीय जिलों के लोगों को रास नहीं आ रही आयुष्मान और हिमकेयर योजना

Tue, 24 Sep 2019 11:49 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : amar ujala
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हिमाचल के जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर के लोगों को केंद्र सरकार की आयुष्मान और प्रदेश सरकार की हिमकेयर स्वास्थ्य योजना रास नहीं आ रही है। लाहौल जिले में आयुष्मान के तहत अब तक 174 लोगों ने अस्पताल में निशुल्क चिकित्सा उपचार कराया।

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हिमकेयर योजना के तहत मात्र 1 व्यक्ति ने ही 2400 रुपये का लाभ लिया। किन्नौर जिले में भी आयुष्मान के तहत 406 और हिमकेयर में 24 लोगों ने उपचार कराया। हिमाचल में इस योजना को शुरू हुए एक साल हो गया है।

मुख्यमंत्री के गृह जिले में बने सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी में सर्वाधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड बने हैं, जबकि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति जिले में इस योजना के सबसे कम कार्ड बने हैं। इस जिले में 848 लोगों ने अपने आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए है। 

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कांगड़ा में आयुष्मान की अपेक्षा हिमकेयर योजना आई पसंद 

जनसंख्या के हिसाब से कांगड़ा सबसे बड़ा जिला है। इस जिले के लोगों ने केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना की अपेक्षा हिमाचल सरकार की हिमकेयर योजना को पसंद किया है। इस जिले में 1,68,788 लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनाए हैं, जबकि हिमकेयर योजना के तहत यहां 1,77,870 लोगों ने ई कार्ड बनाए हैं।

जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 6 बार शिविर लगाए गए हैं। लोगों को निशुल्क उपचार को लेकर पर्चे भी बांटे गए। तीन बार कार्ड बनाने के लिए तिथियां बढ़ाई गईं। अब जनवरी, 2020 से मार्च के बीच और कार्ड बनाए जाने हैं। इसमें लोगों को फिर कार्ड बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। - रामलाल मारकंडा, जनजातीय एवं कृषि मंत्री

हिमाचल में आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत लोगों को निशुल्क सेवाएं दी जा रही हैं। प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत 22 लाख लोगों को कवर किया गया है, जबकि हिमकेयर योजना में लाभार्थी परिवार की संख्या 6,42,709 है।- विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री 
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