विशेषज्ञ खेतों में जाकर बागवानों को कर रहे जागरूक, 30 तक चलेगा जागरूकता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में कृषि विज्ञान केंद्र किसानों-बागवानों को रसायन मुक्त खेती की राह दिखा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र ने जिलाभर में खेती बचाव अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इसके तहत कृषि विशेषज्ञ गांव और खेतों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार खेती बचाव अभियान के तहत विभाग की टीमें गांवों और खेतों में जाकर किसानों-बागवानों को रसायन मुक्त खेती के लिए जागरूक कर रही हैं। रोजाना तीन से चार गांवों में जाकर जागरूक किया जा रहा है।
जिले में इस कार्यक्रम का संचालन विशेषज्ञ डॉ. उषा वर्मा और अजय ब्रागटा के मार्गदर्शन में चल रहा है। डॉ. उषा शर्मा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग, मृदा परीक्षण आधारित खाद प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर लागत में कमी और आय में बढ़ोतरी करना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत रोहड़ू उपमंडल में हो गई है। रोहड़ू में टीमें फील्ड में जाकर बागवानों को जागरूक कर रही हैं। खेतों में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं अनियमित प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। इसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता और बाजार में मूल्य पर भी पड़ता है। इसके कारण किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि कीटनाशकों का छिड़काव सोच समझकर और आर्थिक हानि का स्तर देखकर करें।