हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में फतेहपुर से भाजपा नेता कृपाल परमार और स्थानीय बीएमओ के बीच फोन पर बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस वायरल ऑडियो क्लिप में कृपाल परमार ब्लॉक मेडिकल आफिसर फतेहपुर रंजन मेहता को धमकी देते हुए सुनाई दे रहे हैं। शनिवार सुबह से पूरे हिमाचल में लोगों के मोबाइल पर कृपाल परमार और बीएमओ के बीच फोन पर हुई बातचीत की आडियो वायरल होती रही। आडियो क्लिप में भाजपा नेता बीएमओ को गाली देते हुए भी सुनाई दे रहे हैं। बीएमओ ने आडियो क्लिप सीएमओ जीडी गुप्ता और डीसी कांगड़ा को भेज कर भाजपा नेता के खिलाफ धमकी देने और गाली-गलौज करने की शिकायत कर दी है।
क्या कहते हैं कृपाल परमार
भाजपा नेता कृपाल परमार ने माना कि वायरल ऑडियो क्लिप में आवाज उनकी ही है। उन्होंने कहा कि बीएमओ के खिलाफ लोग लगातार शिकायत कर रहे थे। फतेहपुर में सूर्या अस्पताल का आधा हिस्सा कोविड केयर अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। मुझे कुछ लोगों ने शिकायत की है कि अस्पताल में व्यवस्था ठीक नहीं है। लोग शिकायत कर रहे हैं कि निजी अस्पताल में जाने वाले कई मरीज कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। इसी संदर्भ में बीएमओ से बात की। आडियो क्लिप में मेरी कुछ बातचीत काट दी है। परमार ने आरोप लगाया कि बीएमओ और निजी अस्पताल के बीच सांठगांठ है। निरीक्षण के दौरान बीएमओ ने सुरक्षा के इंतजाम नजरअंदाज किए। लोगों की आवाज उठाना मेरा फर्ज है। लोगों की सुरक्षा के लिए मैं आवाज हर मंच पर उठाता रहूंगा। मैंने कोई धमकी या दुर्व्यवहार नहीं किया है। सिर्फ गैरजिम्मेदार लोगों से उनकी जवाबदेही पूछी है।
बोएमओ बोले-आरोप निराधार
बीएमओ फतेहपुर रंजन मेहता ने बताया कि भाजपा नेता कृपाल परमार इसी गलत भाषा में अक्सर बातचीत करते हैं। मैने तो फोन बीच में काट दिया नहीं तो पता नहीं नेता ने कितनी गालियां और देनी थीं। नेता में संयम नहीं है। आशा वर्कर को फोन बांटने के दौरान भी नेता ने गालियां दी थीं। निजी अस्पताल के साथ सांठगांठ का आरोप निराधार है। नेता इसकी जांच करवाएं। क्या भाजपा नेता ने खुद अस्पताल जाकर निरीक्षण किया। बिना जांचे-परखे आरोप लगाना गलत है। मैंने नेता के खिलाफ सीएमओ और डीसी कांगड़ा को शिकायत कर दी है।
क्या कहते हैं निजी अस्पताल के प्रबंधक
सूर्या अस्पताल के प्रबंधक रिटायर्ड कर्नल डॉ. नीरज कपूर ने कहा कि अस्पताल में कोरोना मरीज और सामान्य ओपीडी के लिए दो एंट्री हैं। महामारी के वक्त अस्पताल का स्टाफ दिन-रात मरीजों की सेवा में लगा है। स्थानीय नेता ने अस्पताल प्रबंधन पर गलत आरोप लगाया है। अगर वह सच्चे सेवक हैं तो अस्पताल में आकर मरीजों की सेवा करें। स्थानीय नेता अपने आरोप साबित करें।
डीसी राकेश प्रजापति ने माना कि बीएमओ फतेहपुर ने एक स्थानीय नेता के खिलाफ धमकी देने की शिकायत की है। तथ्यों को देखा जा रहा है। तथ्यों को जांचने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। उधर, सीएमओ ीडी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने प्रारंभिक जांच के दौरान तथ्य जुटाकर डीसी कांगड़ा को भेज दिए हैं। आगे का निर्णय प्रशासन ही लेगा।