उन्होंने कहा कि उसका बेटा निर्दोष है। घटना वाले दिन वह अपने गांव में था। समाहल मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग कर रहा था। वह सिविल इंजीनियर है। साथ में लोनिवि का ठेकेदार भी है। उन्होंने मंडी पुलिस से मांग की थी कि मनोज के मोबाइल की 6 नवंबर की सीडीआर निकालें और लोकेशन चैक करें कि वह उस दिन कहां था, लेकिन पुलिस ने न तो उनके बेटे को रिहा किया और न ही सीडीआर निकाली।
इस कारण उनका बेटा बेगुनाह होते हुए भी सजा काट रहा है। उन्होंने एसपी साक्षी वर्मा से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस दौरान एक्स सूबेदार बुद्धि सिंह, सूबेदार बलदेव, कै. सीताराम, कै. विजयपाल और नीरज मौजूद रहे।