जुन्गा (शिमला)। मकर संक्रांति क्योंथल क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। गिरि नदी के दोनों ओर शिमला और सिरमौर जिले में बैशाखी, हरियाली, दिवाली और माघ की साजी पर कुल देवी और देवता की पूजा करने का विशेष विधान है। लोहड़ी के दिन लोग सिड्डू और अस्कलियां बनाते हैं और इसे घी के साथ खाते हैं। संक्रांति के दिन लोग अपने घरों में पारंपरिक व्यंजन खीर और पटांडे बनाते हैं। इससे पहले लोग अपने गांव के मंदिरों में जाकर देवी-देवताओं के दर्शन करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। लोगों की आस्था है कि इन चार बड़ी साजी पर पीठासीन देवता की पूजा से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक दयाराम वर्मा, अतर सिंह ठाकुर, दौलत राम मेहता ने बताया कि मकर संक्रांति का त्योहार क्योंथल में केवल पारंपरिक व्यंजनों के साथ मनाया जाता है। वरिष्ठ नागरिक दौलतराम मेहता ने कहा कि माघी पर्व से दिन बढ़ने और रातें घटने लग जाती हैं। संवाद