पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के बेटे एवं भाजपा नेता अरुण धूमल ने कहा कि देश में हाल ही में शैल कंपनियों पर छापामारी में ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं, जिनमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर सीएम वीरभद्र सिंह से जुड़ी कंपनी का पैसा लगा है। ऊना में प्रेस वार्ता के दौरान अरुण धूमल ने आरोप लगाया कि वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य की कंपनी मैपल डेस्टिनेशन का वकामुल्ला की कंपनी तारिणी इंटरनेशनल से करोड़ों का बेनामी लेनदेन हुआ है।
इसी कंपनी द्वारा शैल कंपनियों में मनी लांड्रिंग का पैसा लगाया गया, जिसकी जांच करते हुए ईडी ने करीबन सौ जगह छापामारी की। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ईमानदार आयकर अधिकारियों पर ऊल-जुलूल आरोप लगा रहे हैं। सच सामने आने पर अब उन्हें तुरंत पद छोड़कर इस्तीफा देना चाहिए। अरुण ने कहा कि उनके खिलाफ सीएम ने जो धर्मशाला में मामला बनाया था, उसकी विजिलेंस ने बाकायदा क्लोजर रिपोर्ट दे दी है।
लिहाजा, उन अधिकारियों को भी माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा बनाया। आरोप लगाया कि सीएम ने आईपीओ के नाम पर ऑफिस की रिपेयर के लिए लोगों से पैसा इकट्ठा किया और उसका काम भी अपने बेटे की कंपनी को सौंप दिया। अब दिल्ली में उनकी करीब साठ करोड़ की संपत्ति ईडी ने अटैच कर ली है। इसे सीएम दो से ढाई करोड़ की बता रहे हैं। पंजाब में
पूर्व सीएम धूमल की कथित संपत्तियों की जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस तरह की किसी भी जांच का स्वागत करते हैं। कहा कि उन्होंने समय-समय पर तथ्यों सहित वीरभद्र सिंह के खिलाफ मामले उठाए, जो निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि ईडी द्वारा बुलाने के बावजूद सीएम अपना पक्ष रखने को जांच में शामिल क्यों नहीं हो रहे। अगर वे सच्चे हैं तो सामने आएं।